चंडीगढ़ परवरिश योजना – अनाथ बच्चों को आर्थिक सहायता आवेदन प्रक्रिया

Chandigarh Parvarish Yojana (चंडीगढ़ परवरिश योजना) Apply Online 2023 जैसा कि आप सभी को बता दूं कि हमारे देश के केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में कोविड-19 जितने भी अनाथ हुए बच्चे हैं उन सभी के जीवन को सुधार लाने के लिए चंडीगढ़ परवरिश योजना को आरंभ किया गया है क्योंकि इन बच्चों का कोविड-19 में मां बाप का मृत्यु हो जाने की वजह से या अनाथ हो गए हैं और इनका देखभाल करने के लिए कोई नहीं है इसी परेशानियों को सरकार ने ध्यान में रखते हुए इस योजना को आरंभ किया गया है और चंडीगढ़ परवरिश योजना की शुरुआत विशेषकर कोरोनावायरस के संक्रमण के संक्रमित जितने भी बच्चे हैं और जो अनाथ हो गए हैं उन सभी को वित्तीय वर्ष सहायता दी जाएगी| 

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Chandigarh Parvarish Yojana को इसलिए आरम्भ किया गया 

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इसके अलावा उन्हें कई प्रकार के लाभ जैसे की निशुल्क स्कूली शिक्षा भरण पोषण की सामग्री रहन-सहन की व्यवस्था चिकित्सा सुविधा के लिए आर्थिक सहायता सभी तरह से इन्हें मदद की जाएगी और आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के मदद से Chandigarh Parvarish Yojana सारी जानकारी आप हम अपने इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं जिससे अगर कोई बच्चा जो कोरोनावायरस  के संक्रमण के कारण अनाथ हो गए हैं उन सभी बच्चों को इस योजना के अंतर्गत लाभ दिया जाएगा और वह बच्चे इसका लाभ उठाकर अपना जीवन आसानी से व्यतीत कर सकते हैं। तो आप कृपया कर हमारे इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढें जिससे आप भी Chandigarh Parvarish Yojana के अंतर्गत आवेदन कर इसका लाभ उठा सकते हैं आपको हम अपने इस आर्टिकल में यह बताएंगे कि इस योजना से लाभ क्या है इसका उद्देश्य क्या है, इसके विशेषताएं क्या है, आवेदन करने की प्रक्रिया क्या है ,आवश्यक दस्तावेज क्या लगेंगे इसकी सारी जानकारी आपको हम अपने इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं तो आप कृपया कर हमारे इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें और इसका लाभ उठाएं।

Chandigarh Parvarish Yojana 2023 -चंडीगढ़ परवरिश योजना

चंडीगढ़ के सरकार ने अपने देश में जितने भी कोविड-19 के कारण जितने भी अनाथ बच्चे होंगे उन सभी के लिए चंडीगढ़ परवरिश योजना को आरंभ किया गया है और इस योजना के अंतर्गत सभी अनाथ बच्चों को सरकार के द्वारा आर्थिक सहायता किया जाएगा और यह नियोजित किया है कि इस योजना का पात्र सभी अनाथ बच्चों को शिक्षा चिकित्सा सुविधा से लेकर भरण पोषण और सभी तरह की सुविधाएं इन सभी बच्चे को दिलवाया जाएगा साथ ही सरकार के द्वारा प्रत्येक पात्र बच्चे के नाम पर ₹300000 जमा किया जाता है जो उन्हें 21 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद भी उनको दिया जाएगा।

Chandigarh Parvarish Yojana 2023 highlights

🔥 योजना का नाम 🔥 चंडीगढ़ परवरिश योजना
🔥 शुरू की गई 🔥 चंडीगढ़ सरकार द्वारा
🔥 संबंधित विभाग 🔥 समाज कल्याण विभाग चंडीगढ़
🔥 लाभार्थी 🔥 कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चे
🔥 उद्देश्य 🔥 अनाथ बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के साथ-साथ अन्य कई तरह की सुविधाएं मुहैया करवाना।
🔥 साल 🔥 2023
🔥 आवेदन प्रक्रिया 🔥 ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों प्रकार से
🔥 अधिकारिक वेबसाइट 🔥chdsw.gov.in

चंडीगढ़ परवरिश योजना के अंतर्गत अब तक 270 अनाथ बच्चे वेरीफाई हुए

हम आपको बता दें कि इस योजना के अंतर्गत करोना कल के महावारी में अपने माता पिता को खो देने वाले कुल 270 बच्चे अभी तक भेज पाए हुए हैं जिनका विभाग के द्वारा लाभ देने के लिए रजिस्ट्रेशन भी करवाया गया है इन सभी बच्चों को 12:00 बजे पूरी तरह से अनाथ है जबकि 154 बच्चे ऐसे हैं जो जिनके मां या पिता किस में से एक की कोरोना से संक्रमण के कारण मृत्यु हुई है। इन सभी बच्चों को चंडीगढ़ परवरिश योजना 2023 के अंतर्गत हर महीने ₹2500 से लेकर ₹5000 तक की सहायता दी जाएगी। चंडीगढ़ प्रशासन के अंतर्गत सोशल वेलफेयर विभाग के द्वारा 154 बच्चों को ₹300000 की राशि जारी की गई है और जल्द ही डिप्लोमा और सनातन डिग्री की पढ़ाई कर रहे सभी बच्चों के लिए भी धनराशि जारी कर दिया जाएगा जिससे कि वह आगे की पढ़ाई आसानी से कर सके और उनकी आगे की पढाई में किसी भी तरह की रुकावट ना आए और किसी भी परेशानी का सामना करना ना पड़े।

चंडीगढ़ परवरिश योजना 2023 का उद्देश्य

Parvarish Yojana Chandigarh 2023 इस योजना का मुख्य उद्देश्य कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण जितने भी बच्चे के माता-पिता या दोनों में से किसी एक की मृत्यु हो गई है तो उन सभी अनाथ बच्चों को परवरिश करना है जिसके लिए सरकार के द्वारा सभी अनाथ बच्चों के भरण-पोषण,रहन-सहन और चिकित्सा सुविधा बीमा सुविधा सारी जरूरतों को पूरा किया जाएगा और इसके लिए सरकार के द्वारा अधिक से अधिक सहायता की जाएगी इस योजना के अंतर्गत सभी अनाथ बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित करेगी जिसके उनका भविष्य उज्जवल होगा और सभी अनाथ बच्चों को किसी तरह की जीवन यापन करने का हक दिया जाएगा और उन्हें अनाथ महसूस ना हो इसके लिए भी सरकार के द्वारा घोषित किया जाएगा कि इन्हें किसी भी तरह की परेशानी ना आए।

Chandigarh Parvarish Yojana 2023 के अंतर्गत शामिल बच्चों की कैटेगरी

इस योजना में जितने भी आवेदक आना तब अच्छे हैं उन सभी को अनाथ गरीबों में बांटा गया है जिनके आधार पर उन्हें आर्थिक सहायता दिया जाएगा यह चारों कैटेगरी जो निम्नलिखित इस प्रकार से है

पहला कैटेगरी- वह बच्चे जिन्होंने कोविड-19 के दौरान अपने माता-पिता में से किसी एक को गवा दिया है और जीवित माता-पिता ने बच्चों को सरेंडर कर दिया है।

  • पात्रता- आवेदक चंडीगढ़ का स्थाई निवासी होना चाहिए और आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए जिससे बच्चों को पास बर्थ प्रूफ नहीं है अधिनियम 2015 के अनुसार उन सभी बच्चों को उम्र निर्धारित की जाएगी और वह बच्चे जो केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के निवासी है किशोर न्याय के अनुसार मूल राज्य में स्थानांतरित किया जाएगा।
  • वित्तीय लाभ- इस योजना के अंतर्गत 60 दिन के अंदर ही उसे भी बच्चों का नाम पर ₹300000 की अवैध राशि जमा की जाएगी| 
  • जिससे कि उन्हें इस वर्ष पूरी हो जाने के बाद दिया जाएगा अगर बच्चे के परिवार के आधारित देखभाल लिया रक्षा जाता है तो वह राशि नहीं दिया जाएगा और उसे गोपनीयता की रक्षा के लिए विभाग के बैंक खाते में जमा की जाएगी।
  • शैक्षिक लाभ- सभी अनाथ बच्चे बाल देखभाल संस्थानों में भर्ती बच्चों को किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अंतर्गत शैक्षिक संस्थानों और व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकित किया जाएगा और समाज कल्याण विभाग चंडीगढ़ के अनुसार सभी बच्चों के शैक्षिक और व्यवसाय की जरूरतों को पूरा करने का पूरा खर्च उठाया जाएगा।

दूसरी कैटेगरी- कोविड-19 के दौरान जिन बच्चों को अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है वह विस्तृत परिवार या रविवार को रिश्तेदारों के पास रह रहे हैं।

  • पात्रता-आवेदक का चंडीगढ़ का स्थाई निवासी होना चाहिए और आवेदक बच्चे की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र होना चाहिए माता-पिता दोनों की मृत्यु कोरोनावायरस आक्रमण के कारण हुई हो।
  • वित्तीय लाभ- इस योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पूर्ति और घोषणा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹5000 दिए जाएंगे और यदि बच्चा 18 साल के हो गए हैं तो आप बेरोजगार हैं तो ऐसी स्थिति में उनकी आयु 21 वर्ष तक बढ़ाया जाएगा यानी ₹5000 की 21 वर्ष की आयु तक दिया जाएगा।
  • शैक्षिक लाभ- बच्चों को केंद्र शासित प्रदेश जैसे कि चंडीगढ़ के सरकारी स्कूल में निशुल्क शिक्षा दिया जाएगा और किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान में 1 वर्ष का डिप्लोमा करने के लिए पात्र बच्चों को ₹25000 दिए जाएंगे किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से 3 वर्षीय स्नातक डिग्री प्राप्त करने के लिए उनको ₹50000 तक दिया जाएगा माता प्राप्त संस्थान से व्यवसाई की डिग्री प्राप्त करने के लिए ₹100000 तक दिया जाएगा।

तीसरी कैटेगरी- प्रदेश के बाद बच्चे जिनके माता-पिता में से किसी एक का देहांत हो गया कोरोनावायरस संक्रमण के कारण हो गया हो अब वह अपने जीवित माता-पिता के साथ विस्तारित परिवार के साथ रह रहे हैं।

  • पात्रता- उम्मीदवार को चंडीगढ़ का स्थाई निवासी होना चाहिए उम्मीदवार की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 500000 से कम होनी चाहिए।
  • वित्तीय लाभ- इस योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹25000 दिए जाएंगे यदि बच्चा 18 साल का हो गया हो वह बेरोजगार हो तो ऐसी स्थिति में उनकी आयु 21 वर्ष तक बढ़ाया जाएगा यानी कि ₹2500 की  आर्थिक सहायता 21 वर्ष की आयु तक दिया जाएगा।
  • शैक्षिक लाभ- बच्चों को केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के सरकारी स्कूल में निशुल्क शिक्षा दी जाएगी किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से 1 वर्ष का डिप्लोमा कोर्स करने के लिए जो भी पात्र बच्ची है उन सभी को ₹25000 दिए जाएंगे और किसी भी मानता प्राप्त संस्थान से 3 वर्षीय स्नातक डिग्री करने के लिए उन बच्चों को ₹50000 तक दिए जाएंगे मानता प्राप्त संस्थान से व्यवसायिक डिग्री प्राप्त करने के लिए ₹100000 तक दिए जाएंगे।

चौथी कैटेगरी-चौथी कैटेगरी- वह बच्चे जो खुद को भी पॉजिटिव है।

  • पात्रता- यह योजना चंडीगढ़ के निवासियों के लिए केवल निवास प्रमाण पत्र के रूप में माता-पिता की आधार कार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस/वोटर आईडी/बिजली बिल जमा करने के अधीन है। पात्र बच्चे की आयु 18 वर्ष से कम की होनी चाहिए। अगर बच्चे के पास आयु प्रमाण पत्र नहीं है तो उस बच्चे की आयु का निर्धारण आयु किशोरी न्याय अधिनियम 2015 के तहत निर्धारित प्रावधानों के आधार पर किया जाएगा। आवेदक बच्चे को किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 2(14) के अनुसार “देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे”की श्रेणी में आना चाहिए।
  • वित्तीय लाभ- इस योजना की अधिसूचना के पूर्व के मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा मूल्यांकन को सिफारिश के बाद बाल कल्याण समिति के अनुमोदन के अधीन डीपीसीयू द्वारा 10 दिन के भीतर वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह वित्तीय सहायता पात्र बच्चे को हर 3 महीने के पोषण के लिए ₹2500 की दी जाएगी।

Chandigarh Parvarish Yojana 2023 का लाभ

  • इस योजना का लाभ उन बच्चों को दिया जाएगा जो Covid-19 के कारण अनाथ हो गए हैं।
  • चंडीगढ़ परवरिश योजना 2023 के माध्यम से अनाथ बच्चों के शिक्षा, चिकित्सा, और लालन पोषण संबंधी सभी खर्चे उठाए जाएंगे। यह खर्चे प्रशासन के समाज कार्यालय विभाग द्वारा उठाए जाएंगे।
  • सरकार द्वारा इस योजना के तहत पात्र बच्चों के नाम ₹300000 की फिक्स डिपॉजिट एफडी भी करवाई जाएगी। जो उन्हें 21 वर्ष की आयु पूरी हो जाने के बाद दी जाएगी।
  • पात्र अनाथ बच्चों को इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा दी जाएगी।
  • इसके अलावा 18 वर्ष की आयु के बाद डिप्लोमा कोर्स या ग्रेजुएशन या व्यवसायिक डिग्री करने पर उन्हें सरकार की तरफ से वित्तीय सहायता दी जाएगी।
  • इस योजना का लाभ बच्चों को प्राप्त करने के लिए 6 साल से 18 साल के बीच का होनी चाहिए।
  • Chhattisgarh Parvarish Yojana तहत ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया रखी गई है। आवेदक के आवेदन को स्वीकृति एसडीओ के द्वारा दी जाएगी।
  • इच्छुक आवेदक अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर या सीडीपीओ कार्यालय में जाकर इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
  • यह योजना राज्य के Covid-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों की परवरिश करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर रही है।

परवरिश योजना चंडीगढ़ के अंतर्गत पात्रता

  • आवेदक चंडीगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए।
  • वह बच्चे सूचना के अंतर्गत आवेदन करने के पात्र हैं जिनके माता-पिता या किसी एक की मृत्यु कोरोनावायरस संक्रमण के कारण हो चुकी हो।
  • गरीब परिवार से संबंध रखने वाले जो बीपीएल कार्ड धारक के बच्चे हैं वह इस योजना के अंतर्गत लाभ उठा सकते हैं।
  • और बच्चों को भी इस योजना के अंतर्गत लाभ दिया जाएगा जो खुद कोरोनावायरस के शिकार है या इट्स वर्स्ट बीमारी से ग्रस्त है।
  • एड्स रोग से ग्रस्त बच्चों को इस योजना के तहत लाभ दिया जाएगा चाहे उनका परिवार बीपीएल कार्ड धारक हो या ना हो।
  • इट्स व कुष्ठ रोग से चलते 40% तक विकलांगता के शिकार माता पिता के बच्चे भी इस योजना के अंतर्गत लाभ उठाने के पात्र हैं।
  • इसके अलावा बेसहारा अनाथ बच्चों को अपने रिश्तेदारों के पास उड़ा रहे उन्हें भी इस योजना के अंतर्गत लाभ दिया जाएगा।

Chandigarh Parvarish Yojana 2023 के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

  • सबसे पहला आवेदक को समाज कल्याण विभाग महिला एवं बाल विकास चंडीगढ़ प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने इसका अधिकारी की वेबसाइट के होम पेज खुल कर आएगा।
    Chandigarh Parvarish Yojana
  • इस वेबसाइट के होम पेज पर सभी लाभार्थी कॉर्नर में आवेदन फॉर्म हुए लिंक पर जाकर क्लिक करें।
  • उसके बाद आपके सामने इसका पीडीएफ फॉर्मेट में आवेदन फॉर्म फुल कर आएगा जिसे आप डाउनलोड करके इसका प्रिंट आउट निकाल सकते हैं।
  • इस फॉर्म में पूछे गए सभी जानकारी को ध्यान पूर्वक भरे और सभी आवेदन दस्तावेज में पूछे गए फॉर्म को एक साथ अटैच कर जमा करना है।
  • अब आपको यह आवेदन फॉर्म को अपने नजदीकी आंगनवाड़ी में जाकर जमा करना है आप यह फॉर्म सीडीपीओ कार्यालय में भी जमा कर सकते हैं।
  • इस तरफ चंडीगढ़ परवरिश योजना 2023 के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं।

सारांश (Summary)

तो दोस्तों आपको कैसी लगी यह जानकारी हमें कमेंट बॉक्स में बताना ना भूले और अगर आपका इस आर्टिकल से जुड़ा कोई सवाल या सुझाव है तो हमें जरूर बताएं। और दोस्तों अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे लाइक और कमेंट करें और दोस्तों के साथ शेयर भी करें।

Chandigarh Parvarish Yojana 2023 – FAQ

✔️ Chandigarh Parvarish Yojana – चंडीगढ़ परवरिश योजना क्या है ?

चंडीगढ़ में कोविड-19 जितने भी अनाथ हुए बच्चे हैं उन सभी के जीवन को सुधार लाने के लिए चंडीगढ़ परवरिश योजना को आरंभ किया गया है क्योंकि इन बच्चों का कोविड-19 में मां बाप का मृत्यु हो जाने की वजह से या अनाथ हो गए हैं और इनका देखभाल करने के लिए कोई नहीं है इसी परेशानियों को सरकार ने ध्यान में रखते हुए इस योजना को आरंभ किया गया है और चंडीगढ़ परवरिश योजना 2023 की शुरुआत विशेषकर कोरोनावायरस के संक्रमण के संक्रमित जितने भी बच्चे हैं और जो अनाथ हो गए हैं उन सभी को वित्तीय वर्ष सहायता दी जाएगी| इसके अलावा उन्हें कई प्रकार के लाभ जैसे की निशुल्क स्कूली शिक्षा भरण पोषण की सामग्री रहन-सहन की व्यवस्था चिकित्सा सुविधा के लिए आर्थिक सहायता सभी तरह से इन्हें मदद की जाएगी और आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के मदद से Chandigarh Parvarish Yojana सारी जानकारी आप हम अपने इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं जिससे अगर कोई बच्चा जो कोरोनावायरस  के संक्रमण के कारण अनाथ हो गए हैं उन सभी बच्चों को इस योजना के अंतर्गत लाभ दिया जाएगा और वह बच्चे इसका लाभ उठाकर अपना जीवन आसानी से व्यतीत कर सकते हैं।

✔️ चंडीगढ़ परवरिश योजना के अंतर्गत अब तक 270 अनाथ बच्चे वेरीफाई हुए कैसे हुए ?

हम आपको बता दें कि इस योजना के अंतर्गत करोना कल के महावारी में अपने माता पिता को खो देने वाले कुल 270 बच्चे अभी तक भेज पाए हुए हैं जिनका विभाग के द्वारा लाभ देने के लिए रजिस्ट्रेशन भी करवाया गया है इन सभी बच्चों को 12:00 बजे पूरी तरह से अनाथ है जबकि 154 बच्चे ऐसे हैं जो जिनके मां या पिता किस में से एक की कोरोना से संक्रमण के कारण मृत्यु हुई है। इन सभी बच्चों को चंडीगढ़ परवरिश योजना 2023 के अंतर्गत हर महीने ₹2500 से लेकर ₹5000 तक की सहायता दी जाएगी। चंडीगढ़ प्रशासन के अंतर्गत सोशल वेलफेयर विभाग के द्वारा 154 बच्चों को ₹300000 की राशि जारी की गई है और जल्द ही डिप्लोमा और सनातन डिग्री की पढ़ाई कर रहे सभी बच्चों के लिए भी धनराशि जारी कर दिया जाएगा जिससे कि वह आगे की पढ़ाई आसानी से कर सके और उनकी आगे की पढाई में किसी भी तरह की रुकावट ना आए और किसी भी परेशानी का सामना करना ना पड़े।

✔️ Chandigarh Parvarish Yojana का लाभ क्या-क्या है ?

इस योजना का लाभ उन बच्चों को दिया जाएगा जो Covid-19 के कारण अनाथ हो गए हैं।
चंडीगढ़ परवरिश योजना 2023 के माध्यम से अनाथ बच्चों के शिक्षा, चिकित्सा, और लालन पोषण संबंधी सभी खर्चे उठाए जाएंगे। यह खर्चे प्रशासन के समाज कार्यालय विभाग द्वारा उठाए जाएंगे।
सरकार द्वारा इस योजना के तहत पात्र बच्चों के नाम ₹300000 की फिक्स डिपॉजिट एफडी भी करवाई जाएगी। जो उन्हें 21 वर्ष की आयु पूरी हो जाने के बाद दी जाएगी।
पात्र अनाथ बच्चों को इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा दी जाएगी।
इसके अलावा 18 वर्ष की आयु के बाद डिप्लोमा कोर्स या ग्रेजुएशन या व्यवसायिक डिग्री करने पर उन्हें सरकार की तरफ से वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इस योजना का लाभ बच्चों को प्राप्त करने के लिए 6 साल से 18 साल के बीच का होनी चाहिए।
Chhattisgarh Parvarish Yojana तहत ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया रखी गई है। आवेदक के आवेदन को स्वीकृति एसडीओ के द्वारा दी जाएगी।
इच्छुक आवेदक अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर या सीडीपीओ कार्यालय में जाकर इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
यह योजना राज्य के Covid-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों की परवरिश करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर रही है।

✔️ परवरिश योजना चंडीगढ़ के अंतर्गत आवेदन करने के लिए पात्रता क्या है ?

आवेदक चंडीगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए।
वह बच्चे सूचना के अंतर्गत आवेदन करने के पात्र हैं जिनके माता-पिता या किसी एक की मृत्यु कोरोनावायरस संक्रमण के कारण हो चुकी हो।
गरीब परिवार से संबंध रखने वाले जो बीपीएल कार्ड धारक के बच्चे हैं वह इस योजना के अंतर्गत लाभ उठा सकते हैं।
और बच्चों को भी इस योजना के अंतर्गत लाभ दिया जाएगा जो खुद कोरोनावायरस के शिकार है या इट्स वर्स्ट बीमारी से ग्रस्त है।
एड्स रोग से ग्रस्त बच्चों को इस योजना के तहत लाभ दिया जाएगा चाहे उनका परिवार बीपीएल कार्ड धारक हो या ना हो।
इट्स व कुष्ठ रोग से चलते 40% तक विकलांगता के शिकार माता पिता के बच्चे भी इस योजना के अंतर्गत लाभ उठाने के पात्र हैं।
इसके अलावा बेसहारा अनाथ बच्चों को अपने रिश्तेदारों के पास उड़ा रहे उन्हें भी इस योजना के अंतर्गत लाभ दिया जाएगा।

✔️ चंडीगढ़ परवरिश योजना का उद्देश्य क्या-क्या है ?

Parvarish Yojana Chandigarh इस योजना का मुख्य उद्देश्य कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण जितने भी बच्चे के माता-पिता या दोनों में से किसी एक की मृत्यु हो गई है तो उन सभी अनाथ बच्चों को परवरिश करना है जिसके लिए सरकार के द्वारा सभी अनाथ बच्चों के भरण-पोषण,रहन-सहन और चिकित्सा सुविधा बीमा सुविधा सारी जरूरतों को पूरा किया जाएगा और इसके लिए सरकार के द्वारा अधिक से अधिक सहायता की जाएगी इस योजना के अंतर्गत सभी अनाथ बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित करेगी जिसके उनका भविष्य उज्जवल होगा और सभी अनाथ बच्चों को किसी तरह की जीवन यापन करने का हक दिया जाएगा और उन्हें अनाथ महसूस ना हो इसके लिए भी सरकार के द्वारा घोषित किया जाएगा कि इन्हें किसी भी तरह की परेशानी ना आए।

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