पलामू (Palamu) झारखंड राज्य का एक ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों से भरपूर ज़िला है, जो अपनी अनोखी भौगोलिक स्थिति, समृद्ध इतिहास और वन्यजीव संरक्षण के लिए जाना जाता है। नीचे इसका विस्तृत विवरण प्रस्तुत है—
1. भौगोलिक स्थिति और जलवायु
-
पलामू झारखंड के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित है।
-
उत्तर में बिहार का औरंगाबाद जिला, पश्चिम में गढ़वा, दक्षिण में लातेहार और पूर्व में चतरा जिला स्थित है।
-
यहाँ की जलवायु उष्णकटिबंधीय है — गर्मियों में तापमान 45°C तक पहुँच सकता है और सर्दियों में 5°C तक गिर जाता है।
-
कोयल, औरंगा, और नॉर्थ कोयल नदियाँ इस क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ हैं।
2. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
-
चेरो राजवंश का शासन: पलामू का इतिहास मुख्य रूप से चेरो जनजाति के राजाओं से जुड़ा है।
-
17वीं शताब्दी में राजा मेदिनीराय (Medini Rai) ने यहाँ शासन किया और पलामू किले का निर्माण कराया।
-
मुग़ल साम्राज्य के समय में कई बार यहाँ संघर्ष हुए, खासकर औरंगज़ेब के समय।
-
ब्रिटिश शासन के दौरान पलामू विद्रोह और स्वतंत्रता आंदोलन का गढ़ भी रहा।
3. पलामू किला
पलामू में दो प्रमुख किले हैं —
-
पुराना किला: राजा मेदिनीराय द्वारा 17वीं शताब्दी में बनाया गया। यह पत्थरों से निर्मित है और पहाड़ी के ऊपर स्थित है।
-
नया किला: पुराने किले के पास स्थित, जिसे बाद में और सुदृढ़ किया गया।
दोनों किले अब खंडहर में बदल चुके हैं, लेकिन आज भी इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं।
4. पलामू टाइगर रिज़र्व
-
1973 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत बनाए गए शुरुआती 9 बाघ अभयारण्यों में से एक है।
-
यहाँ बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, भेड़िया, जंगली कुत्ता, और कई दुर्लभ पक्षी पाए जाते हैं।
-
घने साल, सखुआ और बांस के जंगल यहाँ की पहचान हैं।
-
यह बेतला नेशनल पार्क (Betla National Park) के अंतर्गत आता है, जो पर्यटकों के लिए खुला रहता है।
5. संस्कृति और परंपरा
-
यहाँ की संस्कृति में आदिवासी परंपराओं का गहरा प्रभाव है।
-
प्रमुख जनजातियाँ — चेरो, उरांव, संथाल, और मुंडा।
-
नृत्य व संगीत: करमा नृत्य, जनजातीय ढोल-नगाड़ों की धुन, और लोकगीत प्रसिद्ध हैं।
-
त्योहार: सरहुल, करमा, होली, दीपावली और छठ पूजा।
6. आर्थिक गतिविधियाँ
-
कृषि: धान, गेहूं, मक्का और दलहन की खेती प्रमुख है।
-
वनों से मिलने वाले उत्पाद — महुआ, तेंदू पत्ता, बांस, लकड़ी।
-
खनिज: यहाँ बॉक्साइट, चूना पत्थर, और अन्य खनिज पाए जाते हैं।
7. पर्यटन स्थल
-
बेतला नेशनल पार्क
-
पलामू किला (पुराना और नया)
-
मेदिनीनगर — पलामू का जिला मुख्यालय
-
कोयल नदी घाटी
-
कामता पर्वत — धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का स्थान।
8. विशेष तथ्य
-
पलामू का नाम संस्कृत शब्द “पल” (सुरक्षा) और “आमू” (आवास) से माना जाता है, जिसका अर्थ है “सुरक्षित निवास”।
-
यहाँ के जंगलों में प्राचीन काल से ही हाथियों के झुंड पाए जाते थे।
-
यह स्थान इतिहास, रोमांच और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श गंतव्य है।
Leave a Reply