July 7, 2020

घरों के नल से निकल रहा जानलेवा जल! मजे में ठेकेदार, शहरवासी बेबस

शहरवासी कमलनयन का कहना है कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है. घरों में गंदे पानी का सप्लाई हो रहा है. पानी के बिना काम नहीं चल सकता, ऐसे में वे मजबूरी में दूषित पानी का सेवन कर रहे हैं.

पलामू. ऐसा कहा जाता है कि जल ही जीवन है, मगर मेदिनीनगर में जल लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. दरअसल यहां के लोग दूषित पानी (Contaminated Water) पीने को मजबूर हैं. शहरी जलापूर्ति योजना के तहत घरों में पहुंचने वाला पानी पीने लायक नहीं है. बिना फिल्टर किए कोयल नदी (Koel River) का पानी घरों तक सप्लाई हो रहा है. फिल्टर चेंबर में डालने के लिए फिटकरी भी उपलब्ध नहीं है.
शहरवासी कमलनयन का कहना है कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है. घरों में गंदे पानी का सप्लाई हो रहा है. पानी के बिना काम नहीं चल सकता, ऐसे में वे मजबूरी में दूषित पानी का सेवन कर रहे हैं.ठेकेदार कर रहा जलापूर्ति योजना का संचालन मेदिनीनगर में पहले पेयजल एवं स्वच्छता विभाग जलापूर्ति योजना का संचालन करता था. मगर अब ठेकेदार के माध्यम से इसका संचालन हो रहा है. हालांकि इसकी निगरानी का जिम्मा विभाग के पास है. लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते बिना फिल्टर किए पानी की सप्लाई की जा रही है.पानी के लिए लगातार संघर्ष करने वाले समाजसेवी परशुराम ओझा की माने, तो कोई इंसान किसी एक आदमी का कत्ल करता है तो उसे सजा मिलती है. पेयजल विभाग दूषित पानी की सप्लाई कर हजारों लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है, ऐसे में दोषी अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए. ठेकेदारी व्यवस्था में स्थिति पहले से ज्यादा बदतर हुई है.विभाग ने दिलाया जांच का भरोसा 
विभाग के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह ने मामले में जांच का भरोसा दिलाया है. साथ ही शुद्ध पानी घरों तक पहुंचाने का दावा किया है.

गर्मी में मेदिनीनगर में पानी का संकट हो जाता है. तब लोग सप्लाई के पानी पर ही पूर्णतया निर्भर होते हैं. ऐसे में गर्मी आने से पहले विभाग को इस समस्या को निबटा लेना चाहिए. ताकि गर्मी में लोगों को कम ही, पर शुद्ध पानी मिल सके. दूषित पानी से होने वाली बीमारियों की चपेट में लोग न आएं.रिपोर्ट- नील कमलये भी पढ़ें- झारखंड राज्यसभा चुनाव: जेएमएम अध्यक्ष शिबू सोरेन आज करेंगे नामांकन, जीत तय

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